कब खुलेंगे स्कूल बच्चे परेशान अभिभावक सुरक्षा को चिंतित, स्कूलों को इंतजाम की टेंशन-THE AGRA NEWS

कोरोना संक्रमण के बीच जुलाई से स्कूल खुलने की चर्चाएं शुरू होते ही अभिभावकों की चेहरे पर चिंता की लकीरें आने लगी हैं। ताजनगरी के अभिभावक स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर। चिंतित हैं। इस कारण से वह संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम के बिना बच्चों को स्कूल ना भेजने की बात कहने लगे हैं। इस समय शहर के अभिभावकों से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप पर सिर्फ एक ही चर्चा है,वह है स्कूल में बच्चों की सुरक्षा।kab khulenge school

अभिभावक नहीं चाहते बच्चों को स्कूल भेजकर कोरोना के खतरे में डालना, संक्रमण का शिकार होने से बचाने की सबसे ज्यादा चिंता.kab khulenge school

कोरोना संक्रमण के बीच जुलाई से स्कूल खुलने की चर्चाएं शुरू होते ही अभिभावकों की चेहरे पर चिंता की लकीरें आने लगी हैं। ताजनगरी के अभिभावक स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर। चिंतित हैं। इस कारण से वह संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम के बिना बच्चों को स्कूल ना भेजने की बात कहने लगे हैं। इस समय शहर के अभिभावकों से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप पर सिर्फ एक ही चर्चा है,वह है स्कूल में बच्चों की सुरक्षा।kab khulenge school

अभिभावक बच्चों को खतरे में डालकर स्कूल भेजने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। वहीं स्कूल सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इंतजाम करने के दावे कर रहे हैं। हालांकि इंतजाम के नाम पर टेंशन स्कूलों को भी है।बता दें कि अनलॉक को लेकर सरका की ओर से जारी गाइडलाइन में स्कूल खोलने पर भी फैसला लेने की बात कही गयी है। यह फैसला जुलाई में लिया जाना है। हालांकि अभिभावकों की धड़कनें बच्चों को स्कूल भेजने के नाम से ही बढ़ने लगी हैं।

अभिभावक मांग करने लगे हैं कि जब तक कोरोना से बचाव के लिए स्कूल पूरी तरह से उन्हें संतुष्ट नहीं कर देंगे, तब तक वह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही कोरोना खत्म हो या टीका बने तभी बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही गई है।kab khulenge school

घर पर रहकर पढ़ाने की भी देंगे फीस,खतरे में क्यों डाले -अभिभावकों का तर्क है कि स्कूल लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं। इसके लिए स्कूल पूरी फीस मांग रहे हैं। अभिभावकों को फीस देने के लिए बाध्य भी होना पड़ेगा। क्योंकि अभिभावकों की सुनने के लिए ना प्रशासन तैयार है और ना ही स्कूल। अभिभावकों का कहना है कि जब वह इस स्थिति में भी बच्चों को पढ़ाई करा रहे हैं। इसके लिए फीस भी देंगे, तो बिना किसी सुरक्षा के बच्चों को स्कूल भेजकर उनको खतरे में क्यों डाला जाए।


छात्रों की सुरक्षा है पहली प्राथमिकता अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता के अनुसार स्कूल सरकार के निर्देशों पर ही खोले जाएंगे। जो गाइडलान होगी, उनका स्कूलों द्वारा पालन किया जाएगा। हालांकि छात्रों की सुरक्षा स्कूलों की पहली प्राथमिकता है। नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर के अनुसार स्कूल खुलने से पहले छात्रों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कदम। उठाए जाने हैं। सरकार के जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन होगा। फिर भी स्कूल अपने स्तर से संक्रमण से बचाव के हर संभव इंतजाम करेंगे।

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