बांके बिहारी जी के बारे में 5 रोचक तथ्य-Banke Bihari Meaning

बांके बिहारी जी के बारे में 10 ऐसे रोचक तथ्य जो बांके बिहारी जी के भक्तो को पता होने चाइये। और आपको ये भी पता होना चाहिए की बांके बिहारी का अर्थ(Banke Bihari Meaning) क्या होता है।

तथ्य नंबर 1 :श्री बांके बिहारी जी को प्रकट करने वाले स्वामी श्री हरी दास जी ने 12 बर्षो तक निधिवन मैं तपश्या करके अपनी प्रार्थना ने अपने संगीत की आराधना से अपने हृदय से प्रकट किया। श्री बांके बिहारी जी के मंदिर मैं जो आप सभी को ठाकुर जी के दर्शन मिलते है वो असल मैं राधा रानी और कृष्ण जी के मिलिक अवतार है । और स्वामी श्री हरिदास जी ठाकुर जी की 8 सखिओ मैं से उनकी जो 2 सखी थी ललिता और विशाखा उन्ही मैं से ललिता सखी के अवतार है स्वामी श्री हरिदास ।

बांके बिहारी का मतलब क्या है :Banke Bihari Meaning

तथ्य नंबर 2  बांके बिहारी का मतलब क्या है : हम सभी बांके बिहारी के चमत्कारों और उनकी कृपा से तो वाकिफ है लेकिन क्या आपको ये पता हे की बांके बिहारी का अर्थ(Banke Bihari Meaning) क्या होता है नहीं जानते न

आइये जानते है बांके बिहारी जी को इस नाम से क्यों जानते है बांके का अर्थ होता है जो तीन जगह से टेड़ा हो । जैसा के आपने देखा होगा ठाकुर जी भी जिस मुद्रा मैं खड़े है उसमें वो तीन जगह से टेड़े है । उन्होंने अपनी गर्दन, कमर और एक पैर को इसी प्रकार से रखा है । इसी लिए उनकी इस मुद्रा को कहते है त्रिभंग । अब तो आप भी जान गए न बांके का अर्थ अब जानते है बिहारी का क्या अर्थ है। बिहारी का अर्थ होता है जो अपने मैं ही मस्ती मैं मस्त हो , जो सभी का स्वामी हो।

तथ्य नंबर 3: बांके बिहारी जी को बांसुरी क्यों नहीं पकड़ाई जाती है ?

स्वामी हरिदास जी की ऐसी भावना थी की उनके छोटे से लाला यानि कान्हा जी बासुरी पकड़ेंगे तो थक जायेंगे इसलिए उन्होंने उन्हें बासुरी नहीं पकड़ने दी । लेकिन लेकिन एक रोचक बात ये भी है की साल मैं केवल एक दिन ठाकुर जी के बासुरी के साथ भी दर्शन होते है । वो दिन होता है शरद पूर्णिमा का दिन ।

तथ्य नंबर 4: बांके बिहारी के सामने पर्दा क्यों होता है ?

आप जब भी बिहारी जी के दर्शन के लिए गए होंगे तो आपने देखा होगा के बांके बिहारी जी के सामने पर्दा होता है और उसे बार बार हटाया और लगया जाता है । ऐसा क्यों होता है इसके पीछे ऐसा किदवंती है की अगर कोई भक्त बिहारी जी से लगातार एक टक नज़ारे मिला लेता है तो बिहारी जी प्रेमवश उसी के साथ चले जाते है । दूसरा बिहारी जी को किसी की नज़र न लगे इस लिए भी पर्दा किया जाता है ।

तथ्य नंबर 5: बांके बिहारी के चरणों के दर्शन कब होते है ?

साल मैं एक दिन ऐसा भी आता है जिस दिन बिहारी जी के चरणों के दर्शन होते है । ये दर्शन होते है अक्षय तृतीया के दिन जी हाँ सिर्फ एक दिन अक्षय तृतीया पे बिहारी जी के चरण दर्शन होते है । और इसी दिन शाम को उनके अंश विगर्हा पर चन्दन लगया जाता है । इसलिए आप बिहारी जी के अंश विघ्र और चरण दर्शन करना चाहते है तो आपको अक्षय तृतीया के दिन वृन्दावन आना होगा ।

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Team Agra News

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